गांधी जी के सोच में जन कल्याण की भावना, अनुकरणीय – चुन्नू

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गांधी जी के सोच में जन कल्याण की भावना, अनुकरणीय – चुन्नू

ANA/SONU VERMA

खगड़िया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 71 वीं पुण्यतिथि पर जयप्रकाश नगर स्थित लिट्ल एडु पार्क स्कूल परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए वैश्य जागृति मंच संगठन प्रमुख नितिन कुमार चून्नू ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने अपनी किताबों में जिक्र किए थे की जिस देश में हजारों की संख्या में लोग भूखे हो वहां अगर कोई मिठाई खाता है, तो समझ लीजिए कि वह मिठाई चोरी की है, भ्रष्टाचार की है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है, कि उनके सोच में कितनी ऊंचाई थी, जनकल्याण की कितनी भावना थी। गांधी जी को पता नहीं था कि मेरे जाने के बाद देश का विकास तो होगा परंतु भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच जाएगा। जिस गांधी जी का संदेश विश्व में गया अहिंसा परमो धर्मः वही देश दुनिया आज युद्ध के मुहाने पर खड़ा है।

पुष्प अर्पित करते नितिन कुमार चुन्नू, विवेक भगत, संजय जायसवाल व अन्य

मौके पर मौजूद युवा वैश्य नेता विवेक भगत एवं राजकमल दिवाकर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि गांधीजी का जो शिक्षा दर्शन था “शिक्षा के साथ रोजगार की शिक्षा” आज पूरे देश दुनिया में लोग इतने बेरोजगार हैं अगर देश गांधीजी के शिक्षा नीति पर चलता तो आज इतनी बेरोजगारी की फौज खड़ी नहीं होती। मौके पर मौजूद संजय कुमार जायसवाल, सुजीत कुमार राणा, कुलदीप आनंद ने भी अपनी बातों को प्रमुखता से रखी ।

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