बच्चों को देश के लिए जीना सिखाएं – आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल

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बच्चों को देश के लिए जीना सिखाएं – आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल

पीएम नरेंद्र मोदी का कथन “पहले हमारा देश, बाद में हमारा घर”

भव्य सांस्कृतिक संध्या में दिखा “तिरंगा विद मनोज मुंतशिर शुक्ला”

ANA/Rajendra Prasad

लखनऊ । राज्यपाल आनंदीबेन पटेल डॉक्टर बी. आर. आंबेडकर सभागार, एलडीए कॉलोनी, लखनऊ में आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या ए म्यूजिकल ट्रिब्यूट ’तेरी मिट्टी’ सेलिब्रेटिंग तिरंगा विद मनोज मुंतशिर शुक्ला, में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं। यह विशेष कार्यक्रम देशभक्ति, शौर्य और राष्ट्रीय एकता की भावना को समर्पित था, जिसमें प्रसिद्ध गीतकार एवं लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत माता, सैनिकों और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति श्रद्धा अर्पित की।कार्यक्रम के दौरान मनोज मुंतशिर शुक्ला ने अपने लोकप्रिय देशभक्ति गीतों और कविताओं का पाठ कर उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों में देश के वीर जवानों के त्याग, मातृभूमि के प्रति प्रेम और ’तिरंगे’ की महिमा का अद्भुत संगम देखने को मिला। संगीत और कविता के इस अनोखे मेल ने सभागार में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में गर्व और देशप्रेम की भावना को प्रज्वलित कर दिया। पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने भी देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ न केवल राष्ट्रप्रेम को प्रगाढ़ बनाती हैं, बल्कि नई पीढ़ी को देश की वीरगाथाओं, बलिदानों और गौरवशाली इतिहास से भी परिचित कराती हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम, त्याग, बलिदान और राष्ट्रीय एकता का अमर प्रतीक है, जिसकी रक्षा और सम्मान हम सबका कर्तव्य है। राज्यपाल जी ने कहा कि बच्चों को भारत के गौरवशाली इतिहास और देशभक्ति की कहानियों से परिचित कराना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के कथन “पहले हमारा देश, बाद में हमारा घर” का उल्लेख करते हुए कहा कि “देश तभी विश्व गुरु बनेगा, जब हम अपने बच्चों को देश के लिए जीना सिखाएँ।” उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के कुओं और जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य सराहनीय है। राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 25 करोड़ से अधिक जनसंख्या वाले इस राज्य की देश को आगे बढ़ाने में विशेष जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी महिलाओं की सदी है। राज्य के विश्वविद्यालयों में बेटियाँ बेटों से अधिक स्वर्ण पदक ला रही हैं, बेटों को भी समान मेहनत करके आगे आना चाहिए। उन्होंने बच्चों के करियर चयन में अभिभावकों को उनकी रुचि और इच्छा का सम्मान करने की सलाह देते हुए कहा कि घर में सकारात्मक वातावरण होना चाहिए। प्रदेश के युवाओं में बहुत कौशल है, उनको आगे आने का मौका देना चाहिए।  मनोज मुंतशिर शुक्ला की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि अमेठी का एक युवा आज देशभक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, जो प्रेरणादायक है। राज्यपाल ने सभी कलाकारों को बधाई दी और कहा कि संगीत एक साधना है, जिससे सकारात्मक सोच और जीवन में संतुलन आता है। उन्होंने अपने जनपद भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए कहा कि 500 से अधिक गाँवों में किसानों से मिलने का अवसर मिला है। प्रदेश के किसान नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। कठिनाइयों के बावजूद किसानों का सकारात्मक दृष्टिकोण अनुकरणीय है।

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