वीबी – जी राम जी अधिनियम ले जायेगा राम राज्य की ओर, ग्रामीण भारत को – विष्णु दयाल राम, सांसद

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वीबी – जी राम जी अधिनियम ले जायेगा राम राज्य की ओर, ग्रामीण भारत को – विष्णु दयाल राम, सांसद

ANA/A.K.Verma

मेदिनीनगर । पलामू संसदीय क्षेत्र अंतर्गत मेदिनीनगर स्थित परिसदन भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को सांसद विष्णु दयाल राम ने एनडीए गठबंधन के जिला अध्यक्षों के साथ संबोधित किया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, आजसू जिला अध्यक्ष दिलीप चौधरी, लोजपा रामविलास के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के भरत द्विवेदी, शिव कुमार मिश्रा सहित पत्रकारगण उपस्थित थे। उक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी) के संबंध में विस्तृत रूप से बताया। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह ऐतिहासिक अधिनियम ग्रामीण भारत को राम राज्य की अवधारणा से जोड़ेगा, जहां हर गांव आत्मनिर्भर, समृद्ध, भ्रष्टाचार मुक्त और विकसित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से वीबी-जी राम जी अधिनियम एमएनआरईजीए की कमियों को दूर कर ग्रामीण रोजगार को सतत विकास का सशक्त माध्यम बनाएगा। यह विकसित भारत @2047 के लक्ष्य से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। इस अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सालाना 125 दिनों की मजदूरी की कानूनी गारंटी दी गई है, जो पहले के 100 दिनों से कहीं अधिक है। कृषि के मुख्य मौसम में 60 दिनों तक कार्य विराम का प्रावधान किसानों और मजदूरों दोनों के हितों का संतुलन बनाए रखेगा। कार्यों को चार महत्वपूर्ण श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है: जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका संबंधी अवसंरचना और आपदा तैयारी के विशेष कार्य। इससे गांवों में टिकाऊ, उच्च गुणवत्ता वाली संपत्तियां बनेंगी, जो लंबे समय तक आर्थिक लाभ देंगी।” यह अधिनियम तकनीक को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाता है।बायोमेट्रिक सत्यापन, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, रीयल-टाइम मोबाइल ट्रैकिंग और एआई आधारित धोखाधड़ी का पता लगाने की व्यवस्था से भ्रष्टाचार की जड़ें ही उखाड़ दी जाएंगी। वेतन का भुगतान हर हफ्ते अनिवार्य होगा और दो हफ्ते से अधिक की देरी पर स्वतः मुआवजा मिलेगा। प्रशासनिक व्यय की सीमा 9% तक बढ़ाई गई है, जिससे जमीनी स्तर पर बेहतर कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञता और निगरानी सुनिश्चित होगी। एमएनआरईजीए (MNREGA) में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं। पंजाब और झारखंड जैसे राज्यों में फर्जी जॉब कार्ड, नकली हाजिरी और फंड की हेराफेरी के हजारों मामले दर्ज हुए। विशेष ऑडिट में पंजाब में ही 10,653 से अधिक अनियमितताएं पकड़ी गईं। लिबटेक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केवल 7% ग्रामीण परिवारों को ही पूरे 100 दिनों का काम मिल सका। आंध्र प्रदेश में औसतन मात्र 51.6 दिन ही रोजगार प्रदान किया गया। इन कमियों ने गरीबों के हक को छीना और ग्रामीण विकास को बाधित किया। वीबी-जी राम जी अधिनियम इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान है, जो बहुस्तरीय निगरानी, हर छह महीने अनिवार्य सोशल ऑडिट, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली और CAG मानकों के अनुसार ऑडिट सुनिश्चित करेगा।
विपक्षी दलों कांग्रेस जैसी पार्टियां नाम बदलने को लेकर सरकार पर हमला कर रही हैं, जबकि वे खुद कई राज्यों में योजनाओं के नाम बदल चुकी हैं। विपक्ष का आरोप है कि मनरेगा जैसा कानून जिसमें महात्मा गांधी का नाम भी शामिल है उसे हटाकर, सरकार महात्मा गांधी का अपमान कर रही है। जिसके जवाब में सरकार ने कहा कि महात्मा गांधी हमारे दिलों में बसते हैं। गांधी जी भी गांवों की बेहतरी ही चाहते थे। तो नए बिल से भला उनका अपमान कैसे होगा। सरकार ने पूछा कि कांग्रेस सरकार के समय जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था। तो क्या ये उनका अपमान था? ये भी सच है कि कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ में दीनदयाल उपाध्याय के नाम की सारी योजनाओं का नाम एक ही नोटिफिकेशन से बदल दिया था। राजस्थान में अटल नाम की योजना को भी बदला था। ऐसे कई और भी उदाहरण मिल जाएंगे। लेकिन वही कांग्रेस आज नाम बदलने को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। यह अधिनियम गरीबों और ग्रामीणों के जीवन में समृद्धि लाएगा। मजबूत अवसंरचना का निर्माण और काम की गारंटी से उनकी आजीविका सुरक्षित होगी, जिससे देश में सच्चा राम राज्य स्थापित होगा। वित्तीय व्यवस्था में केंद्र-राज्य अनुपात 60:40 (पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10) रखा गया है। कुल आवंटन में लगभग ₹17,000 करोड़ की वृद्धि से राज्यों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य इसे सक्रियता से लागू कर रहे हैं। प्रचार-प्रसार के लिए संरचित ग्रामीण संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वीबी-जी राम जी अधिनियम ग्रामीण भारत को राम राज्य की ओर ले जाएगा, जहां हर गांव समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल होगा।

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