राज्य स्तरीय बैंकर्स कमिटी की बैठक में कोरोना काल में किए गए जनहितकारी कार्य के लिए मुख्य मंत्री ने बिहार के बैंकर्स को दी बधाई

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राज्य स्तरीय बैंकर्स कमिटी की बैठक में कोरोना काल में किए गए जनहितकारी कार्य के लिए मुख्य मंत्री ने बिहार के बैंकर्स को दी बधाई

बिहार की राशि बिहार में ही खर्च करने का करें प्रयास – नीतीश कुमार, मुख्य मंत्री

बिहार में उद्योग स्थापना की अपार संभावनाएं – तार किशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री

बिहार को नए नजरिए से देखने की जरूरत – शाहनवाज, मंत्री

वर्चुअल बैठक में डीएम आलोक रंजन घोष भी रहे उपस्थित

ANA/Arvind Verma

खगड़िया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 76वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स कमिटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलाधिकारी खगड़िया डॉक्टर आलोक रंजन घोष ने भी वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। बैठक में रिजर्व बैंक इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधकों द्वारा वित्तीय वर्ष 20-21में बिहार राज्य में बैंकिंग संबंधी सुविधाओं और सीडी अनुपात के बारे में जानकारी दी और राज्य के आर्थिक विकास में बैंकों द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इनके द्वारा बिहार में स्कूली पाठ्यक्रम में वित्तीय साक्षरता संबंधी पाठ को जोड़ने का अनुरोध किया गया। बिहार के 15 जिलों में क्रेडिट डिपॉजिट अनुपात 40% से कम रहा है। इन्होंने प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों को साख बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों की भी जानकारी बैठक में दी। राष्ट्रीय औसत की तुलना में बिहार में बैंक शाखाएं कम है। अतः बैंकों को अपने शाखाएं बढ़ाने के लिए आरबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा सभी बैंकों से अनुरोध किया गया। कृषि क्षेत्र को भी साख विगत वर्षों में स्थिर रहा है। इसमें नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट गंभीर समस्या है, जिसकी वजह से साख देने का कार्य प्रभावित हो रहा है। बैठक में उपमुख्यमंत्री बिहार तार किशोर प्रसाद ने बैंकों को बिहार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कृषि प्रधान राज्य बिहार में उद्योगों की स्थापना की अपार संभावनाएं हैं। उनके द्वारा बैंकों से अनुरोध किया गया की बैंकों द्वारा ऋण देने से कितने लोगों का जीवन स्तर सुधरा है इसका सर्वेक्षण किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया स्वीकृत ऋण को अविलंब लाभुकों के खाते में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने ऐसे बैठकों में तय लक्ष्यों के गंभीरतापूर्वक विवेचना करने और इन्हें नियमित करने का प्रस्ताव भी रखा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैंकों को कोरोना काल में भी अपनी सेवाएं जारी रखने पर बधाई दी और अवगत कराया कि बिहार में कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाया जा चुका है। बिहार में आगामी 6 महीने में 6 करोड़ वयस्कों को टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बिहार में क्रेडिट डिपॉजिट अनुपात को राष्ट्रीय औसत 76.5% से काफी कम रहने पर चिंता जताई और कहा कि बिहार में लोगों द्वारा बैंकों में जमा की गई पूंजी का कम ही हिस्सा उन्हें ऋण के रूप में प्राप्त होता है, बाकी पैसा अन्य राज्यों में प्रयुक्त होता है। यह चिंताजनक स्थिति है और इस पर रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों को ध्यान देना होगा। राज्य के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने बैंकों का सहयोग को रेखांकित करते हुए कहा कि बिहार में निवेश को बढ़ाने के लिए और उद्योगों एवं व्यापार में प्रगति की व्यापक संभावनाएं हैं। विगत वर्षों में बिहार में व्यापारिक क्षेत्र में बहुत प्रगति हुई है। उन्होंने जीविका समूह को भी ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जीविका समूह आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बैंकों के सहयोग से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि बिहार के प्रत्येक ग्राम पंचायत में बैंक शाखाएं खुली चाहिए। बैंकों की शाखाएं बढ़ने से बिहार में क्रेडिट डिपॉजिट अनुपात में सुधार होगा। बैंकों की सुरक्षा हेतु भी सरकार तत्पर है।उद्योग मंत्री, बिहार सैयद शाहनवाज हुसैन ने बैंकरों से अपील की कि बिहार को नए नजरिए से देखने की जरूरत है। बिहार में सुशासन है, अवसंरचनात्मक क्षेत्र में काफी अच्छा काम हुआ है। अब उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। नई राज्य औद्योगिक नीति से बिहार में निवेश के काफी प्रस्ताव आ रहे हैं। इथेनॉल, लेदर,सेरेमिक टाइल्स, ऑक्सीजन इत्यादि चित्रों में नए-नए निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बैंकों को इन उद्योगों को समर्थन देने की जरूरत है, ताकि बिहार में क्रेडिट डिपॉजिट अनुपात सुधर सके। बैठक का समापन करते हुए उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद ने बैंकरों से अपील की कि बिहार के विकास में आपकी क्या भूमिका होगी, इसे तय कर लें। क्रेडिट डिपॉजिट अनुपात के संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्त चिंता का ध्यान रखेंगे और बिहार की राशि बिहार में खर्च करने का प्रयास करेंगे। इस राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक में विभिन्न विभागों यथा वित्त विभाग, उद्योग विभाग, कृषि विभाग, पशु एवं मत्स्य विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग आदि के मंत्रियों सहित इनके अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और सचिवों ने भी भाग लिया। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सहित बिहार के मुख्य सचिव ने भी इसमें भाग लिया। वर्चुअल माध्यम से उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, एलडीएम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने भी इस बैठक में समाहर्ता प्रकोष्ठ में उपस्थित रहकर भाग लिया।

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