मुख्यमंत्री ने सूचना एवं जन-संपर्क विभाग, सिविल विमानन विभाग तथा नगर विकास एवं आवासविभाग की समीक्षा की, दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

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मुख्यमंत्री ने सूचना एवं जन-संपर्क विभाग, सिविल विमानन विभाग तथा नगर विकास एवं आवासविभाग की समीक्षा की, दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

ANA/Arvind Verma

पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सिविल विमानन विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने विभाग की प्राथमिकताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं एवं सकारात्मक बदलाव के संबंध में प्रचार के विभिन्न माध्यमों द्वारा लोगों को बेहतर ढंग से जागरुक किया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, वेब मीडिया, वेब पोर्टल, इन्फ्लूयेंशर, डिजिटल मीडिया आदि का प्रचार के लिए उपयोग किया जा रहा है। ब्रांड बिहार एवं अन्य योजनाओं के साथ-साथ कला-संस्कृति, पुरातात्विक स्थल सहित अन्य महत्वपूर्ण धरोहरों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सभी विभागों के जन-संपर्क कार्य को सुदृढ़ किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का भी उपयोग विभिन्न प्रचार माध्यमों में किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर सांस्कृतिक धरोहरों की पहचान करें और इसके संबंध में पर्यटकों तक सहज और सरल ढंग से जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था सुदृढ़ करें। बिहार में बहुत कार्य किए गए हैं और राष्ट्रीय स्तर पर उसकी ब्रांडिंग अच्छे ढंग से होनी चाहिए। बिहार में किए गए बेहतर कार्यों को लोग जानें और समझें। राज्य के बाहर बिहार का मजबूत ढंग से ब्रांडिंग हो। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग रियल टाइम मॉनीटरिंग के लिए अच्छे ढंग से करें। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का हम अपने विभागों एवं सरकार के कार्यों में उसका कैसे बेहतर उपयोग कर सकते हैं इसको लेकर कार्य करें। नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पंचायती राज विभाग विशेष रूप से इस पर कार्य शुरू करें। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन को चिह्नित कर विज्ञापन आदि के लिए उपयोग करें ताकि रेवेन्यू जेनरेट हो सके। सरकार के संसाधनों का सही उपयोग हो, यह हम सभी के लिए जरूरी है। समीक्षा के दौरान सिविल विमानन विभाग के सचिव श्री निलेश रामचंद्र देवरे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार सरकार के सिविल विमानन विभाग द्वारा राज्य में हवाई अवसंरचना के समग्र विकास एवं अंतर्राष्ट्रीय संपर्कता को सुदृढ़ करने हेतु किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी। राज्य में हवाई अड्डों के विकास, उड्डयन प्रशिक्षण तथा आपदा प्रबंधन एवं वी०आई०पी० उड़ान सेवाओं के संचालन जैसे प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा बिहार में अंतर्राष्ट्रीय हवाई संपर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्त्वाकांक्षी नीति लागू की गई है, जिसके तहत पटना एवं गया से विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान सेवाएं प्रारंभ करने हेतु समुचित कार्रवाई की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एरोसिटी (Aerocity) के विकास की दिशा में भी ठोस पहल की जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रमुख हवाई अड्डों के आसपास वाणिज्यिक, आतिथ्य, लॉजिस्टिक्स एवं पर्यटन आधारित अवसंरचना विकसित करने की योजना है। साथ ही, राज्य के छोटे एवं क्षेत्रीय हवाई अड्डों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में हवाई अड्डों के विकास को लेकर एक प्लान तैयार करें। सेफ्टी और क्वालिटी को लेकर विशेष ध्यान दें। उड़ान योजना के तहत हवाई अड्डों के उन्नयन, रन-वे विस्तार, टर्मिनल निर्माण एवं संचालन की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्कता प्राप्त होगी तथा क्षेत्रीय संतुलित विकास को गति मिलेगी। बिहार सरकार राज्य में हवाई संपर्कता को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटन एवं निवेश को भी प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न हवाई अड्डों के विकास, एरोसिटी परियोजनाओं एवं अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत से राज्य की आर्थिक एवं पर्यटन क्षमता को नई गति मिलने की उम्मीद है। समीक्षा के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से 11 सैटेलाइट/ग्रीनफील्ड टाऊनशिप के विकास के रोडमैप के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सैटेलाइट टाऊनशिप क्षेत्र के विस्तार के लिये पर्याप्त जगह रखी जा रही है। लोक संरचनाओं- रोड, ड्रेनेज आदि के लिये सरकार निवेश करेगी। शहर का विकास मास्टर प्लान के ग्रिड के अनुसार निजी निवेश के द्वारा किया जायेगा, जिसके तहत न्यूनतम 55 प्रतिशत जमीन भूमि मालिकों को वापस कर दी जायेगी। देश में अन्य जगहों पर इस प्रणाली से शहरों का विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय क्षेत्र के विकास के लिए तेजी से काम करना होगा। शहरों के विस्तारीकरण के लिए लॉन्ग टर्म प्लानिंग के लिए काम करें। साफ-सफाई, यातायात, शहरों के विस्तार को लेकर जो अर्बन नक्शा बनाएं उसको डिजिटलाइज कर लोगों को जानकारी में दें। राज्य में विकास के कई कार्य किए गए हैं। गांव में सारी सुविधायें विकसित की गई हैं। लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव सह मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, गृह विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष पराशर, सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचंद्र देवरे, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के निदेशक अनिल कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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