बेऊर जेल में बंदियों के परिवारों के लिए “मुलाकात से न्याय तक” हेल्प डेस्क शुरू, उद्घाटन नीरज झा उप महा निरीक्षक ने किया

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नीरज झा, उप महानिरीक्षक सह अधीक्षक, बेऊर जेल

बेऊर जेल में बंदियों के परिवारों के लिए “मुलाकात से न्याय तक” हेल्प डेस्क शुरू, उद्घाटन नीरज झा उप महा निरीक्षक ने किया

मुफ्त कानूनी सलाह, जमानत और अपील प्रक्रिया की मिलेगी जानकारी

ANA/Arvind Verma 

पटना। आदर्श केंद्रीय कारा, बेऊर में बंदियों के परिवारों की सुविधा के लिए जिला विधि प्राधिकार की ओर से “मुलाकात से न्याय तक” हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से अब बंदियों के परिजन मुलाकात के दौरान जेल परिसर में मौजूद पैनल अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह प्राप्त कर सकेंगे। इस हेल्प डेस्क का उद्घाटन उप-महा निरीक्षक सह अधीक्षक नीरज झा ने किया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बंदियों और उनके परिवारों को न्यायिक प्रक्रिया की सही जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक या जानकारी के अभाव में कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। मौके पर मौजूद पैनल अधिवक्ता संतोष कुमार ने बताया कि कई ऐसे बंदी होते हैं जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महीनों तक उनकी जमानत प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। वहीं कई मामलों में सजा मिलने के बाद अपील तक दाखिल नहीं हो पाती। ऐसे लोगों को जिला विधि प्राधिकार द्वारा निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कई मुकदमे आपसी समझौते के आधार पर जल्द निष्पादित हो सकते हैं। ऐसे मामलों को मध्यस्थता केंद्र भेजकर लोक अदालत के माध्यम से त्वरित निष्पादन की तैयारी की जा रही है। इससे दोनों पक्षों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और लोगों को जल्दी न्याय मिल सकेगा। संतोष कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि छोटे-छोटे मामलों में वर्षों तक अदालतों के चक्कर लगाने से बेहतर है कि समझौते के आधार पर विवादों का समाधान कर परिवार और समाज के साथ नई जिंदगी की शुरुआत की जाए। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में किसी की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान किया जाता है। जिला विधि प्राधिकार समय-समय पर लोक अदालत का आयोजन करता है, जिसका मुख्य उद्देश्य “न्याय सबके लिए” सुनिश्चित करना है।

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